Mouse ka aviskar kisne kiya

साथियों,इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम जानकारी देने वाले  हैं Mouse ka avishkar kisne kiya अगर आपको इसकी जानकारी है तो बहुत अच्छी बात है | लेकिन अगर आपको इसकी जानकारी नहीं है तो आप हमारे इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें क्योंकि, इसकी जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है | 

क्योंकि कई बार नौकरी के प्रतियोगिता परीक्षा में यह सवाल पूछ लिए जाते हैं जिसकी जानकारी आपके पास नहीं होती है | तो आइए दोस्तों विलंब ना करते हुए जानते हैं Mouse ka avishkar kisne kiya ? 

आज के युग में लगभग प्रत्येक व्यक्ति Computer का प्रयोग कर रहा है | शायद कुछ व्यक्ति ही ऐसे होंगे जिनको कंप्यूटर की जानकारी नहीं है | लेकिन समय बदल चुका है आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति को कंप्यूटर की जानकारी होना बहुत ही महत्वपूर्ण है | 

जो व्यक्ति कंप्यूटर का उपयोग करते है उनको Computer  के सभी Parts और डिवाइस की बेसिक जानकारी होना आवश्यक है | इस उपकरण का एक महत्वपूर्ण डिवाइस Mouse भी है, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि Mouse का आविष्कार किसने किया और कब किया ? जानिए Mouse ka avishkar kisne kiya. 

जिस प्रकार Keyboard और Monitor कंप्यूटर के एक डिवाइस होते हैं वैसे ही माउस भी  कंप्यूटर का एक ज़रूरी डिवाइस है,जिसका इस्तेमाल हम कंप्यूटर के मॉनिटर स्क्रीन पर हर तरह की चीज़ों को कंट्रोल करने के लिए करते हैं | साधारण शब्दों में कहें तो Computer System  को ऑपरेट करने के लिए सबसे महत्पूर्ण डिवाइस “Mouse” होता है, बगैर माउस के कंप्यूटर को ऑपरेट करना असंभव है |  

माउस (MOUSE) का फुल फॉर्म ‘Manually Operated Utility For Selecting Equipment’ होता है | जिसका हिन्दी में मतलब ‘चयन के लिए मैन्युअल रूप से संचालित उपयोगिता वाला उपकरण’ है |

Mouse ka avishkar kisne kiya (माउस का आविष्कार किसने किया)  

माउस का आविष्कार सन 1963 में ‘डगलस एंगेलबर्ट‘ ने किया था जो एक अमेरिकन इंजिनियर और आविष्कारक थे | डगलस एंगेलबर्ट को माउस के आविष्कारक के अलावा सहयोगी सॉफ्टवेयर, हाइपरटेक्स्ट और इंटरएक्टिव कंप्यूटिंग के रूप में भी जाना जाता है |     

Computer Mouse History (कंप्यूटर माउस का इतिहास)

इंजीनियर बिल इंग्लिश ने पहला Engelbart माउस प्रोटोटाइप बनाया, जिसमें चाकू की धार वाले पहियों का इस्तेमाल किया गया था और इसमें केवल एक बटन के लिए जगह थी |         

बिल इंग्लिश ने मुख्य रूप से एंगेलबर्ट माउस का एक लकड़ी का प्रोटोटाइप बनाया था, यह लकड़ी का माउस पुरानी दुनिया के शिल्प कौशल के साथ अप-टू-डेट तकनीक को जोड़ने वाला डिवाइस था |

डगलस एंगेलबर्ट ने कथित तौर पर 1961 में एक सम्मेलन व्याख्यान के दौरान माउस की कल्पना की थी | 1963 में उनके पहले डिजाइन में, यांत्रिक क्षेत्र-मापने वाले उपकरणों से प्रेरित रोलिंग पहियों का इस्तेमाल किया गया था | 

जिन्हें 1800 के दशक में आविष्कार किया गया था | कंप्यूटर पॉइंटिंग डिवाइस के लिए एंगेलबार्ट के पेटेंट में ‘माउस’ शब्द कही दिखाई नहीं देता है जो 20 सालो के अंदर ही सर्वव्यापी माउस बन चुका था |

जब डगलस एंगेलबर्ट से यह पूछा गया कि उनके सबसे प्रसिद्ध आविष्कार ‘माउस’ का नाम किसने रखा, तब उन्होने कहा – यह सिर्फ एक पूंछ वाले चूहे जैसा दिखता है, इसका तार ‘पूंछ’ की तरह है |       

जर्मनी के टेलीफंकन के इंजीनियरों ने भी 1960 के दशक के मध्य में एक माउस का आविष्कार किया था | पहली बार 1968 में वर्णित, उनके संस्करण में एक रोलिंग बॉल का उपयोग किया गया था जो एक छोटा, उल्टा ट्रैकबॉल जैसा था | 

माउस बनाने का आइडिया काफ़ी आसान लगता है, लेकिन इस विषय पर कई भिन्नताएं हैं | इंजीनियरों ने विभिन्न आकृतियों, विभिन्न बटनों की संख्या, और आंतरिक तंत्र के साथ कई प्रयोग किए थे |     

Mouse kitne prakar ke hote hai (माउस कितने प्रकार के होते हैं) 

माउस चार प्रकार के होते हैं जैसे:- Mechanical Mouse, Optomechanical Mouse, Optical Mouse, Trackball Mouse      

1.) Mechanical Mouse – यह Mouse का सबसे पुराने मॉडल का होता है इसमें रबर की एक Ball लगी होती थी | और जब इस Mouse को Pad पर घुमाते थे तो यह Rubber Ball इसके अंदर लगी Ring को घुमाते थे, जिससे Signal Computer को भेजे जाते थे, लेकिन यह Mouse ज्यादा नहीं चला क्योंकि जो Rubber Ball इसके अंदर थी वह कभी कभी रुक जाती थी |

2.) Optomechanical Mouse – इस Mouse को Mechanical Mouse से ज्यादा अच्छा बनाया गया | इसमें Mechanical Sensor की जगह Optical Sensor लगाया गया | Optomechanical Mouse में Led (Light Emitting Diode) और Photodetector मिलकर Mouse के द्वारा Distance का अनुमान लगाकर अच्छी तरह से काम करते थे |

3.) Optical Mouse – आजकल जिस Mouse का उपयोग किया जा रहा है वह Optical Mouse होते है। ऐसे Mouse Usb, Ps2 ऐसे Port के लिए होते है, इस Mouse में नीचे की Side Light होती है और Left, Right Button होते है |

4.) Trackball Mouse – इस माउस पर एक Ball लगी होती है जो एक Sensor की तरह काम करती है, Trackball Mouse में Rubber Ball उपर होता है, हम जहाँ पर Ball को घुमाते है Mouse Pointer वही चला   

माउस के कार्य (Work of Mouse in Hindi)

माउस के द्वारा कंप्यूटर पर हम माउस के द्वारा बहुत से काम कर सकते हैं माउस के द्वारा किये जाने वाले कुछ काम निम्न प्रकार हैं 

कंप्यूटर स्क्रीन पर कर्सर को कही भी ले जा सकते हैं | 

कंप्यूटर स्क्रीन पर File को सेलेक्ट कर सकते हैं तथा एक साथ कई सारी File को Select कर सकते हैं | 

किसी File को एक स्थान से दुसरे स्थान में Move कर सकते हैं | 

कंप्यूटर स्क्रीन पर दिख रहे किसी File को Double Click करके Open कर सकते हैं | 

कंप्यूटर स्क्रीन पर चल रहे किसी Program को बंद कर सकते हैं |  

माउस में Scroll Button के द्वारा कंप्यूटर स्क्रीन को Scroll कर सकते हैं | 

माउस के द्वारा हम कंप्यूटर में ग्राफिक Editing कर सकते हैं | 

माउस के फायदे (Advantage of Mouse)

माउस की मदद से Key board में Key की विशेष जानकारी न होने पर भी कंप्यूटर में बहुत कुछ काम कर सकते हैं | 

एक साथ में कई सारी File को Select कर सकते हैं | 

किसी File या Folder को एक स्थान से दुसरे स्थान में ले जा सकते हैं | 

कोई Document बनाते समय उसमें Image Add करने पर Image के Size को छोटा – बड़ा कर सकते हैं | 

Double Click के द्वारा कंप्यूटर Screen से ही कोई File या Folder को Open कर सकते हैं |

किसी भी Web Page या Document को बीच वाले Wheel बटन के द्वारा Scroll कर सकते हैं | 

माउस के नुकसान (Disadvantage of Mouse)

माउस का इस्तेमाल किसी भी Base में नहीं कर सकते हैं इसके लिए समतल Base का होना जरुरी है | 

Wired Mouse में केबल होने के कारण अधिक दूर से माउस का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं | 

Wireless Mouse में Battery ख़त्म होने की समस्या रहती है |  

साथियों, उपरोक्त आर्टिकल में हमने Mouse ka avishkar kisne kiya इसकी सही जानकारी देने की कोशिश की है | मुझे उम्मीद है कि यह आर्टिकल आपको अवश्य अच्छा लगा होगा | इसको आप अपने दोस्तों के साथ अवश्य शेयर करें ताकि उनको भी किया जानकारी मिल पाए | 

धन्यवाद !