Budhape main swasth rahne ke upay | बुढ़ापे में स्वस्थ रहने के उपाय क्या कहता है साइंस |  zeebiz.in  

 

Budhape main swasth rahne ke upay

दोस्तों, जैसे – जैसे हम बूढ़े होते हैं, हमारा धीमा पड़ना और कम काम करना सामान्य है | लेकिन नई रिसर्च इसे सिरे से खारिज करती है | हम जानते हैं कि कसरत करना शरीर के लिए अच्छा होता है | बार-बार कहा जाता है कि इससे शरीर की मांसपेशियां और जोड़ मजबूत रहते हैं, रोगों से लड़ने में मदद मिलती है | लेकिन हम यह नहीं जानते हैं कि शारीरिक गतिविधि दरअसल मनुष्य के जीव – विज्ञान से जुड़ी हुई है | एक नई बायोमेडिकल रिसर्च में यह बात सामने आई है |आपको बता दें कि हावर्ड के रिसर्चरो की टीम ने अपने अध्ययन में इस बात के प्रमाण जुटाए हैं कि मनुष्य अपने जीवन के उत्तरार्ध में तुलनात्मक दृष्टि से ज्यादा सक्रिय रहने के लिए विकसित हुआ है | उनका कहना है कि जीवन के उत्तरार्ध में शारीरिक गतिविधि उर्जा को स्वास्थ्य पर असर डालने वाली प्रक्रियाओं से हटाकर शरीर की उम्र प्रक्रियाओं की तरफ ले जाती है जो स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है | मनुष्य का विकास वृद्धावस्था में शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के हिसाब से हुआ है | ऐसा करने के लिए वह ऊर्जा को उन फिजियोलॉजिकल प्रक्रियाओं के लिए आवंटित करता है जो शरीर में उम्र बढ़ने के साथ धीरे-धीरे होने वाली गिरावट को धीमा करती है | इससे ह्रदय रोग, डायबिटीज और कुछ प्रकार के कैंसर जैसे असाध्य रोगों से सुरक्षा होती है |

लोगों में यह आम धारणा है कि जैसे ऐसे हम बूढ़े होते हैं, हमारा धीमा पड़ना और कम काम करना सामान्य है | लोग सोचते हैं कि अब आराम का वक्त है, रिटायर हो जाओ | हमारा कहना है कि Budhape main swasth rahne ke upay के लिए वृद्ध होने पर शारीरिक रूप से सक्रिय रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है | वृद्ध होने के क्रम में शारीरिक गतिविधि के अभाव से रोगों का रिस्क क्यों बढ़ता है और दीर्घ जीवन में क्यों कमी आती है | रिसर्चरो ने अपने अध्ययन के लिए चिंपांजी जैसे जानवर को चुना जो मनुष्य के निकटवर्ती रिश्तेदार हैं | यह वानर जंगल में 35 से 40 साल तक ही जिंदा रह पाते हैं | मनुष्य की तुलना में उनकी शारीरिक गतिविधि बहुत कम होती है | इससे पता चलता है कि मनुष्य के विकास क्रम में लंबी उम्र के साथ-साथ शारीरिक तौर पर अधिक सक्रिय रहने के हिसाब से परिवर्तन हुआ है | लिबरमैन ने तंजानिया में चिंपांजी का अध्ययन किया जो दिन में अधिकांश समय बैठे रहते हैं | इस अध्ययन के बाद उन्होंने कहा कि हम बुनियादी रूप से विकसित हुए हैं | 

जिन से उम्र भर चलने वाली शारीरिक गतिविधि स्वास्थ्य मे सुधार के लिए उर्जा को नए सिरे से आवंटित करती है | पहली का संबंध फालतू उर्जा को हानिकारक प्रक्रियाओं से हटाने से है | इन प्रक्रियाओं में अत्यधिक वसा का जमाव शामिल है | इस बात की भी पहचान की गई है कि शारीरिक गतिविधि किस प्रकार मरम्मत और रखरखाव की प्रक्रियाओं के लिए ऊर्जा आवंटित करती है | इस अध्ययन का मुख्य निष्कर्ष यह है कि हमारा विकास जीवन भर सक्रिय रहने की दृष्टि से हुआ है | इसलिए हमारे शरीर को स्वस्थ रहते हुए बुढ़ापे के दौर से गुजरने के लिए शारीरिक गतिविधि की आवश्यकता पड़ती है | 

Budhape main swasth rahne ke upay के लिए आज हमें स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए व्यायाम को चुनना पड़ेगा | आज दुनिया भर के शारीरिक गतिविधि के स्तर में कमी आ रही है क्योंकि मशीन और तकनीक ने मानव श्रम का स्थान ले लिया है |” दोस्तों आपको बताना चाहता हूं कि आप अपनी कुर्सी से उठ जाओ और कुछ कसरत करो |” दिन में 10 या 20 मिनट की शारीरिक गतिविधि भी शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त है | व्यायाम मस्तिष्क के लिए भी अच्छा होता है | यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में किए गए अध्ययन से पता चला है कि शारीरिक रूप से सक्रिय रहने वाले वृद्धजनों के मस्तिष्क में स्नायु तंतुओं के कनेक्शन को मजबूत करने वाले प्रोटीन ओ की मात्रा ज्यादा होती है |