25, दिसंबर शेयर बाजार की ताजा खबरें | Current news of share market 25,December

 

KYC अपडेट नहीं तो नए साल में फ्रीज हो जाएगा बैंक अकाउंट ! 

KYC मानदंडों का पालन नहीं करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई करेगा आरबीआई | बैंक और अन्य वित्तीय कंपनियों के कई ग्राहकों को नए साल में भारी झटका लग सकता है | अपनी पहचान और सबूत व अन्य दस्तावेजों को बैंक व वित्तीय कंपनियों के साथ अपडेट नहीं करने पर उनके बैंक खातों को नए साल में फ्रीज कर दिया जाएगा | भारतीय रिजर्व बैंक 31 दिसंबर 2021 तक ऐसे सभी खाताधारकों और कस्टमर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा, जिन्होंने ग्राहक को जानिए जानी केवाईसी KYC मापदंडों का पालन नहीं किया है केंद्रीय बैंक बैंकों से होने वाले सभी लेन-देन पर रोक लगा देगा |आपको बता दें कि केवाईसी मानदंडों को अपडेट करने की आवश्यकता है केवल बैंकों के लिए ही नहीं है, बल्कि प्रत्येक विनियमित मौद्रिक इकाई के लिए है | यह एंटी मनी लॉन्ड्रिंग लो यानी नगद शोधन विरोधी कानून दिशा निर्देशों का एक घटक है | इसमें वित्त निगम, म्यूच्यूअल फंड, ब्रेकिंग हाउस और डिपॉजिटरी शामिल है | बैंकरों का कहना है कि कम जोखिम वाले बैंक खातों में खाताधारकों को केवाईसी हर 10 साल में एक बार अपडेट कराना चाहिए | हालांकि, अत्यधिक जोखिम वाले बैंक खाताधारकों को हर 2 साल में अपने बैंक खाते को अपडेट कराना अनिवार्य होता है | इसके अलावा डॉर्मेंट हो चुके बैंक खातों और इन एक्टिव बैंक खातों को अतिरिक्त रूप से अपने खातों को अन फ्रिज या पुनः सक्रिय करने के लिए अद्यतन केवाईसी जानकारी अपडेट करने की आवश्यकता होती है |

पिछले 2 वर्षों के मुकाबले 2022 ज्यादा मुश्किल होगा 

महंगाई और उपभोग की मांग में मौद्रिक नीति के सामान्य होने को लेकर चिंताओं के कारण आने वाला वर्ष पिछले 2 वर्ष की तुलना में अधिक जोखिम भरा रह सकता है | बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज इंडिया ने यह अनुमान लगाया है | वॉल स्ट्रीट की ब्रोकरेज कंपनी ने अगले वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद में 8.2 प्रतिशत विधि का भी अनुमान व्यक्त किया है | इसमें कई जोखिम भरे कारकों को ध्यान में रखा गया है | बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज इंडिया के अर्थशास्त्रियों ने भारत की जीडीपी को लेकर अपने अनुमान में कहा है कि बीते कई वर्षों से वृद्धि का मुख्य कारक रही उपभोक्ता मांग का पटरी से उतरना सबसे बड़ा जोखिम है | उनका मानना है कि उपभोक्ताओं की मांग अगले वित्त वर्ष में भी विकास का मुख्य कारक बनी रहेगी |  

कपड़े पर GST बढ़ाने का फैसला टाल सकती है सरकार !

कपड़े पर 1 जनवरी से GST की दर 5 से बढ़कर 12 फ़ीसदी हो जाएगी | इसे लेकर देशभर में कारोबारियों का विरोध प्रदर्शन जारी है | हालांकि केंद्रीय वित्त मंत्री ने कपड़ा उत्पादकों को जीएसटी की समस्या का उचित निवारण लाने के लिए आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कोई अस्पष्ट निर्देश नहीं आने से कारोबारियों में बेचैनी है | वित्त मंत्री का यह कहना है कि वह मांगों को काउंसिल के सामने रखेंगे, विभिन्न राज्यों के फाइनेंस मिनिस्टर कारोबारियों के विरोध को देखते हुए सरकार या तो अभी इसे काउंसिल की मीटिंग तक पोस्टपोन कर सकती है, या मीटिंग जल्दी बुला कर पूछ बीच का रास्ता निकाल सकती है | मर्चेंट चेंबर के ट्रस्टी राजीव सिंघल कहते हैं अगर GST सरकार 5 परसेंट पर नहीं रखती है तो ऐसे में दुकान, शोरूम पर रखा माल ना सिर्फ 7 फ़ीसदी महंगा हो जाएगा, बल्कि टेक्सटाइल की पूरी वैल्यू चैन पर खतरा मंडराने लगेगा | टैक्स बढ़ा तो पुराने माल से भी ग्राहक दूरी बनाएगा |